A Cordial and Heartfelt Invitation
Respected Shri / Shrimati _All Family Members_______ ,
Warm Greetings!
By the boundless grace and divine blessings of our ancestral deity, Maa Bhagwati Shri Durga Ji, our family home has been blessed with the sacred tradition of reciting the Shri Durga Saptashati since the year 2000. This continuous worship has been the foundation of our faith, devotion, and spiritual growth.
Carrying this revered tradition forward, we are organizing the Sahasra Patha (1,000 recitations) of Shri Durga Saptashati this year. Alongside these prayers, we are expanding our community welfare initiatives in education, healthcare, environment, and public service. Through this effort, we hope to encourage young student talent, provide essential vision care to those in need, distribute plants to keep our earth green, and serve humanity with humility and dedication.
We cordially invite you and your family to join us in preserving and celebrating our Sanatan heritage. Your esteemed presence, blessings, and encouragement will mean the world to us as we come together for this sacred occasion of worship and community service.
परम आदरणीय मान्यवर / आदरणीय महानुभावों, सादर प्रणाम!
भक्त वत्सला माँ भगवती श्री दुर्गा जी (हमारी कुलदेवी) की असीम अनुकम्पा एवं आशीर्वाद से हमारे पैतृक स्थान पर सन 2000 से श्री दुर्गासप्तशती पाठ की पावन परंपरा निरंतर चली आ रही है। माँ की यह उपासना पिछले 26 वर्षों से हमारे परिवार के लिए श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उन्नति का मुख्य आधार रही है।
इसी पावन परंपरा को और अधिक विस्तार देते हुए, इस वर्ष हम न केवल माँ की आराधना कर रहे हैं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं जनसेवा से जुड़े विभिन्न सेवा-उपक्रमों को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारना, नेत्र-चिकित्सा से जनसामान्य को लाभ पहुँचाना और वृक्षारोपण के माध्यम से धरती को हरा-भरा रखना है।
हम इस सनातन संस्कृति के संवर्धन और विकास के इस पावन अवसर पर आप सभी मित्रों, श्रद्धालुओं और शुभचिंतकों को सपरिवार पधारने के लिए सादर आमंत्रित करते हैं।
हमारा उद्देश्य: मानव सेवा ही माधव सेवा है
इस वर्ष हमारा यह अनुष्ठान समाज के चार प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित है:
- शिक्षा: बच्चों की मेधा और प्रतिभा को सही मंच और प्रोत्साहन देना।
- स्वास्थ्य: निःशुल्क नेत्र शिविर के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य लाभ पहुँचाना।
- पर्यावरण: पौधों का संरक्षण कर धरती को हरित और सुंदर बनाना।
- जनसेवा: सरल और सहज भाव से समाज की निस्वार्थ सेवा करना।
कार्यक्रम का पूरा विवरण (Event Schedule)
- 21 अक्टूबर 2026 (बुधवार)
- पावन शुभारंभ: श्री दुर्गासप्तशती के सहस्र पाठ का मंगलमय प्रारंभ।
- 22 अक्टूबर 2026 (गुरुवार)
- प्रतिभा प्रोत्साहन: 12वीं श्री राम दुलार द्विवेदी मेधा चयन प्रतियोगिता (मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने हेतु)।
- 24 अक्टूबर 2026 (शनिवार)
- पर्यावरण एवं समाज सेवा: प्रकृति के संरक्षण के लिए पौध-वितरण एवं जरूरतमंदों के लिए वस्त्र वितरण सेवा।
- 25 अक्टूबर 2026 (रविवार)
- पूर्णाहूति एवं चिकित्सा शिविर: भव्य हवन, पूर्णाहुति एवं सम्मान समारोह। इसी दिन जनसामान्य के लिए निःशुल्क नेत्र-चिकित्सा शिविर का आयोजन भी किया जाएगा।
- 26 अक्टूबर 2026 (सोमवार)
- ब्राह्मण-भोज एवं भंडारा: महाप्रसाद का वितरण।
- भोज का समय: सायं 4:00 बजे से आपके शुभागमन तक।
पूर्व वर्षों की भाँति इस वर्ष भी हमें आपके स्नेह, सहयोग और आशीर्वाद की अभिलाषा है। आपका सपरिवार आगमन हमारे पूरे परिवार के लिए परम हर्ष और सौभाग्य का विषय होगा।
सादर एवं सप्रेम,
रमेश द्विवेदी एवं समस्त द्विवेदी परिवार
माँ दुर्गा की कृपा सदैव आप और आपके परिवार पर बनी रहे।
पूजनीय माता-पिता के श्रीचरणों में श्रद्धापूर्वक समर्पित
मातृदेवो भव। पितृदेवो भव।
माता-पिता के संस्कार हमारे जीवन की अमूल्य धरोहर हैं और उनका आशीर्वाद हमारी अनमोल निधि। उनसे प्राप्त श्रद्धा, सेवा और संस्कारों की प्रेरणा से आयोजित यह पावन आयोजन उनके श्रीचरणों में श्रद्धापूर्वक समर्पित है।