Announcements

श्रद्धा और सेवा का महापर्व: श्री दुर्गासप्तशती सहस्र पाठ एवं विभिन्न जनसेवा उपक्रमों का भव्य आयोजन (2026)

श्रद्धा और सेवा का महापर्व: श्री दुर्गासप्तशती सहस्र पाठ एवं विभिन्न जनसेवा उपक्रमों का भव्य आयोजन (2026)
हमें यह बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि इस वर्ष अध्यात्म, संस्कृति और लोक-कल्याण के संगम के रूप में श्री दुर्गासप्तशती के सहस्र (1000) पाठ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही, समाज के उत्थान के लिए एक सप्ताह तक चलने वाले विभिन्न सेवा-कार्यों की श्रृंखला भी आयोजित की जाएगी।
॥ श्री शक्तिस्वरूपायै नमः ॥
॥ श्री दुर्गायै नमः ॥
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

भक्त वत्सला माँ भगवती श्री दुर्गा जी (हमारी कुलदेवी) की असीम अनुकम्पा एवं आशीर्वाद से हमारे पैतृक स्थान पर सन 2000 से श्री दुर्गासप्तशती पाठ की पावन परंपरा निरंतर चली आ रही है। माँ की यह उपासना पिछले 26 वर्षों से हमारे परिवार के लिए श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उन्नति का मुख्य आधार रही है।
इसी पावन परंपरा को और अधिक विस्तार देते हुए, इस वर्ष हम न केवल माँ की आराधना कर रहे हैं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण एवं जनसेवा से जुड़े विभिन्न सेवा-उपक्रमों को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारना, नेत्र-चिकित्सा से जनसामान्य को लाभ पहुँचाना और वृक्षारोपण के माध्यम से धरती को हरा-भरा रखना है।

हम इस सनातन संस्कृति के संवर्धन और विकास के इस पावन अवसर पर आप सभी मित्रों, श्रद्धालुओं और शुभचिंतकों को सपरिवार पधारने के लिए सादर आमंत्रित करते हैं।


,,